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Tuesday, October 13, 2026

अब हूतियों से क्या दो-दो हाथ करेगा मक्का-पैक्ट?

 


अमेरिका-ईरान युद्ध में ठहराव आने के बाद सऊदी अरब और हूती लड़ाकों के बीच लड़ाई में तेजी आ रही है. इस लड़ाई के निहितार्थ वही नहीं हैं, जो ईरान युद्ध के थे.

ईरान की इसमें परोक्ष भूमिका होने की वजह से कई सवाल उठ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल मक्का रक्षा-समझौते का है, जिसके हालिया फैसले से बड़ी लड़ाई भड़कने का अंदेशा है.

हालाँकि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हम हूतियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार करेंगे, पर लगता नहीं कि अगले महीने होने वाले चुनाव पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को देखते हुए वे फिलहाल कोई कार्रवाई करेंगे.

ईरान समर्थित हूती मिलिशिया ने शनिवार को सऊदी राजधानी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइलों से हमला किया, जिसमें कम से कम 12 लोग मारे गए और 300 से अधिक लोग घायल हो गए हैं.  

इसके बाद रविवार को एक और हमला होने की सूचना है. एक वरिष्ठ हूती प्रवक्ता ने दावा किया कि हमला हमने किया है.

फरवरी में ईरान के साथ अमेरिका-इसराइल युद्ध शुरू होने के बाद से किसी खाड़ी अरब देश में हुआ यह सबसे घातक हमला था. जवाब में यमन की राजधानी सना के हवाई अड्डे पर सऊदी हमले की सूचना भी है.

Friday, January 19, 2024

यमन पर हमलों के बाद लड़ाई का दायरा बढ़ने का खतरा


पश्चिम एशिया में चल रही गज़ा की लड़ाई के बीच पिछले गुरुवार को अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले करके लड़ाई के एक नया आयाम दे दिया है. यह गज़ा की लड़ाई का विस्तार है और इसके असर का दायरा ज्यादा बड़ा है.

शुरुआती जानकारियों के अनुसार यमन में हुए पहले हमलों की वजह से हूती बागियों के ठिकानों पर 20 से 30 फीसदी का नुकसान हुआ है, पर इतना नहीं कि वे हमले करने के काबिल नहीं रहें. इसके बाद कई और हमले हूती ठिकानों पर किए गए हैं और अमेरिका ने उनके संगठन को आतंकवादी घोषित किया है. 

अमेरिका चाहता है कि लड़ाई को लाल सागर तक आने से रोका जाए, पर हूती बागियों का कहना है कि गज़ा में इसराइल अपनी कार्रवाई रोके, तो हम भी अपनी कार्रवाई रोक देंगे.