Wednesday, January 31, 2024

यह 'ब्रेन चिप' क्या आपके विचार भी छीनेगा?


अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने घोषणा की है कि उनके स्टार्टअप न्यूरालिंक ने पहली बार एक इंसान के दिमाग में वायरलेस चिप को इम्प्लांट किया है। इस चिप की मदद से वह व्यक्ति केवल मन में सोचकर ही किसी मोबाइल फोन, लैपटॉप या किसी अन्य उपकरण को संचालित कर सकेगा।

एलन मस्क ने इस क्षमता को टेलीपैथी नाम दिया है। यह उपकरण पहली नज़र में जितना क्रांतिकारी लग रहा है, उतना ही इसका खतरनाक रूप भी संभव है। एक खतरा मेंटल प्राइवेसी के छिन जाने का भी है।

इस खबर के पहले पिछले साल मई में अमेरिका की सर्वोच्च चिकित्सा संस्था फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने न्यूरालिंक को मानवीय अध्ययन की और उसके चार महीने बाद इस चिप के परीक्षण की अनुमति दी। उसके पहले रायटर्स ने यह खबर भी दी थी कि इस कंपनी की इससे पहले की एप्लीकेशंस को अनुमति नहीं मिल रही है। अनुमति न मिलने के पीछे सुरक्षा जैसे अनेक कारण थे।

Monday, January 29, 2024

गणतांत्रिक-व्यवस्था और ‘लोकतंत्र की जननी’ भारत

साँची के स्तूप में अंकित मल्ल महाजनपद की राजधानी कुशीनगर। इतिहासकार मानते हैं कि गौतम बुद्ध के समय में मल्ल क्षेत्र में दुनिया की पहली गणतांत्रिक व्यवस्था थी

इस साल गणतंत्र दिवस परेड में देश की सांस्कृतिक विरासत और विविधता को एक नए रूप में पेश किया गया. परेड की मुख्य थीम थी, विकसित भारतऔर भारत-लोकतंत्र की मातृका. यह परेड महिला केंद्रित भी थी. 

पहली बार इस परेड के आगे सैनिक बैंड के बजाय 100 महिला कलाकार भारतीय वाद्ययंत्रों के संगीत की खुशबू बिखेरती हुई चल रही थीं और शेष परेड उनके पीछे थी. 

इसके पहले सैनिक टुकड़ियों का नेतृत्व करती महिला अधिकारी आपने देखी हैं, पर इसबार तीनों सेनाओं की 144 महिला कर्मियों की मिली जुली टुकड़ी भी इस परेड में थी.

लोकतंत्र की जननी

यह परेड भारत को 'लोकतंत्र की जननी' के रूप में प्रदर्शित करने का प्रतीक बनेगी. लोकतंत्र अपेक्षाकृत आधुनिक विचार है, और उसका काफी श्रेय पश्चिमी समाज के दिया जाता है. हालांकि उसके विकास में उन समाजों की भी भूमिका है, जो अतीत में उन मूल्यों से जुड़े थे, जो आज लोकतंत्र की बुनियाद हैं.

हम गर्व से कहते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत में है. हर पाँच साल में होने वाला आम चुनाव दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक गतिविधि है. चुनावों की निरंतरता और सत्ता के निर्बाध-हस्तांतरण ने हमारी सफलता की कहानी भी लिखी है.

Saturday, January 27, 2024

असाधारण ऊँचाई पर भारत-फ्रांस रिश्ते


फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दो दिन की राजकीय-यात्रा को आकस्मिक कहना उचित होगा. ऐसी यात्राओं का कार्यक्रम महीनों पहले बन जाता है, पर इस यात्रा का कार्यक्रम अचानक तब बना, जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की भारत-यात्रा रद्द हो गई.

इस यात्रा से बहुत कुछ निकले या नहीं निकले, फ्रांस ने बहुत नाज़ुक मौके पर भारत की लाज बचाई है. इस यात्रा के दौरान कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ. अलबत्ता इस दौरान टाटा और एयरबस के बीच हल्के हेलीकॉप्टर के भारत में निर्माण के समझौते की घोषणा जरूर हुई है.

इसके पहले भी फ्रांस ने भारत का साथ दिया है. मैक्रों फ्रांस के छठे ऐसे राष्ट्रपति हैं, जो भारत में गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि बने हैं. गणतंत्र परेड में सबसे ज्यादा बार मुख्य अतिथि बनने का गौरव भी फ्रांस के नाम है.

Friday, January 19, 2024

यमन पर हमलों के बाद लड़ाई का दायरा बढ़ने का खतरा


पश्चिम एशिया में चल रही गज़ा की लड़ाई के बीच पिछले गुरुवार को अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले करके लड़ाई के एक नया आयाम दे दिया है. यह गज़ा की लड़ाई का विस्तार है और इसके असर का दायरा ज्यादा बड़ा है.

शुरुआती जानकारियों के अनुसार यमन में हुए पहले हमलों की वजह से हूती बागियों के ठिकानों पर 20 से 30 फीसदी का नुकसान हुआ है, पर इतना नहीं कि वे हमले करने के काबिल नहीं रहें. इसके बाद कई और हमले हूती ठिकानों पर किए गए हैं और अमेरिका ने उनके संगठन को आतंकवादी घोषित किया है. 

अमेरिका चाहता है कि लड़ाई को लाल सागर तक आने से रोका जाए, पर हूती बागियों का कहना है कि गज़ा में इसराइल अपनी कार्रवाई रोके, तो हम भी अपनी कार्रवाई रोक देंगे.  

Thursday, January 18, 2024

टूटती मर्यादाओं के बीच एक उम्मीद


दो साल पहले मेरे पूर्व सहयोगी हाशमी जी ने जब आवाज़-द वॉयस के बारे में बताया, तब एकबारगी मुझे समझने में देर लगी. वजह यह थी कि मैं समझता हूँ कि इस दौर के ज्यादातर मीडिया हाउस आत्यंतिक (एक्स्ट्रीम) दृष्टिकोण को अपनाते हैं. वे खुद को तेज़, बहादुर और लड़ाकू साबित करने की होड़ में हैं.

मर्यादा, संज़ीदगी, शालीनता और संतुलित दृष्टिकोण दब्बू-नज़रिया मानने का चलन बढ़ा है. सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन में मेल-मिलाप की जगह उत्तेजना और अतिशय सनसनी ने ले ली है. इस लिहाज़ से आवाज़ का यह प्रयोग मेरे लिए नया और स्फूर्ति से भरा था.

Wednesday, January 10, 2024

मालदीव में भारत के प्रति इतनी कड़वाहट क्यों?


मालदीव के नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू की चीन-यात्रा शुरू होने के ठीक एक दिन पहले सोशल मीडिया पर दोनों देशों के रिश्तों में जो कड़वाहट पैदा हुई है, वह चिंताजनक है. सवाल है कि इस शांत पड़ोसी देश में भारत के प्रति नफरत कैसे पैदा हो गई? कौन है, इसके पीछे?  

राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू 8 से 12 जनवरी तक चीन की यात्रा पर हैं. इस खबर का प्रारंभिक निहितार्थ यह है कि भारत की अनदेखी नहीं करने की परंपरा को मालदीव ने एक के बाद एक करके, तोड़ रहा है. पर उसके कुछ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक ट्वीट करके बेवजह भावनाएं भड़काने का काम किया है.

इससे मालदीव के पर्यटन-कारोबार को धक्का लगेगा. मोदी ने अपने लक्षद्वीप की तारीफ की थी, मालदीव की अवमानना नहीं. दूसरी तरफ मालदीव की मंत्री ने उन्हें इज़रायल से जोड़ दिया.

Sunday, January 7, 2024

2024 संभावनाओं के नए पड़ाव

कैलेंडर की तारीखें बदल जाने मात्र से नया साल अपने से पिछले साल से अलग नहीं हो जाता, बल्कि समय की निरंतरता में वह एक नया पड़ाव होता है। इस लिहाज से पिछली घटनाएं आने वाले समय को परिभाषित करती हैं। पिछले तीन वर्षों की तुलना में यह साल बेहतर उपलब्धियों के साथ शुरू हुआ है। भारत का उदय नए आर्थिक पावर हाउस के रूप में होता दिखाई पड़ रहा है।

शुरुआत जिस माहौल में हो रही है, उससे लगता है कि यह साल जोशो-जुनून से भरा होगा। फिलहाल यह जोशो-जुनून इस साल के चुनावों में दिखाई देगा। 17वीं लोकसभा का कार्यकाल 16 जून 2024 को पूरा होगा। इसका मतलब है कि उसके पहले चुनाव और मतगणना का कार्य पूरा हो जाना चाहिए। इस दृष्टि से चुनाव अप्रैल-मई में होने चाहिए। और इसकी घोषणा मार्च में होनी चाहिए। 2019 के चुनाव का कार्यक्रम 10 मार्च को हुआ था। इसबार भी इसी तारीख के आसपास घोषणा होनी चाहिए।

यह दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव है। चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच होगा। इंडिया गठबंधन हालांकि 28 के आसपास दलों को लेकर बना है, पर उसके केंद्र में कांग्रेस पार्टी है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि एनडीए के मुकाबले इंडिया गठबंधन कितनी सीटों पर सीधा मुकाबला करा पाएगा। सीटों का बँटवारा करने की राह में कई तरह के पेच हैं।

Friday, January 5, 2024

डिप्लोमेसी से ही होगा क़तर के मसले का समाधान


क़तर की जेल में क़ैद भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों की सज़ा-ए-मौत को क़तर की अदालत ने कम कर दिया है. इस खबर से देश ने फिलहाल राहत की साँस ली है. इन आठ भारतीयों के सिर पर मँडरा रहा मौत का साया तो हट गया है, पर यह मामूली राहत है.

प्रारंभिक खबरों के अनुसार इन लोगों की सजाएं कम करके तीन से 25 साल की कैद तक में तब्दील कर दी गई हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गत 4 जनवरी को बताया कि अदालत ने ऊँची अदालत में अपील करने के लिए 60 दिन का समय भी दिया है. सरकार को अदालत के फैसले की प्रति मिल गई है, पर वह गोपनीय है.

इतना स्पष्ट है कि जो भी हुआ है, वह भारत की डिप्लोमेसी के प्रयास से हो पाया है. पीड़ित-परिवार सजा के कम होने को सफलता नहीं मान रहे हैं और वे क़तर की सर्वोच्च अदालत में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं. वहाँ सुनवाई और फैसला होने में भी तीन महीने या उससे भी ज्यादा समय लग सकता है.

Tuesday, January 2, 2024

जोशो-जुनून और उम्मीदें लेकर आया 2024


2024 का साल देश के राजनीतिक, राजनयिक, सामाजिक-सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और खेल के मैदान से कुछ बड़ी खबरों या दूसरे शब्दों में सफलताओं की उम्मीदें लेकर आ रहा है. साल की शुरुआत जिस माहौल में हो रही है, उससे लगता है कि यह साल जोशो-जुनून से भरा होगा.  

राजनीतिक दृष्टि से बहुत सी बातें इस बात पर निर्भर करेंगी कि इस साल होने वाले चुनाव में किसकी सरकार जीतकर आती है. अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना के साथ भारतीय जनता पार्टी अपने विजय-रथ को तार्किक परिणति पर पहुँचाना चाहती है.

नरेंद्र मोदी लगातार तीसरा चुनाव जीतकर जवाहर लाल नेहरू के कीर्तिमान की बराबरी की ओर बढ़ रहे हैं. आर्थिक मोर्चे पर समय उनका साथ दे रहा है. देखना होगा कि चुनाव में इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन कैसा रहता है.