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Sunday, June 7, 2026

टेलेंट होती है या होता है?


यह भी रोचक विषय हो सकता है। हाल में मैंने फेसबुक पर लिखा, देश के सभी राजनीतिक दल इस बात पर सहमत हैं कि टेलेंट नेताओं की संतानों या रिश्तेदारों में ही होती है।यह बात यों ही और हल्के अंदाज़ में एक ईमोज़ी के साथ चेंप दी थी। इसपर मेरे मित्र केवल तिवारी ने लिखा, टेलेंट होती है या होता है?’ मैंने लिखते समय इसे स्त्री लिंग में क्यों लिखा, पता नहीं। इसके बारे में सोचा नहीं, पर अब यह सवाल ज़रूर है कि होती है या होता है?

हिंदी के शब्दों का लिंग निर्धारण हम किसी न किसी तरीके से कर लेते हैं, पर विदेशज शब्दों का लिंग निर्धारण कैसे हो। मेरे मन में शायद प्रतिभाशब्द था, पर टेलेंट के लिए भी स्त्री लिंग लिख दिया, पर आप क्या समझते हैं? इसपर अकारांत का नियम लागू होगा या कुछ और? इस सिलसिले में मैंने गूगल ग्रुप में कभी चली एक चर्चा को पढ़ने का प्रयास किया। उसमें पूछा गया था कि क्या कोई ऐसा शब्दकोश है, जो विदेशज शब्दों का लिंग-निर्धारण करता है। उस बहस में कुछ शब्दों के बारे में पूछा गया था कि इन शब्दों के लिंग क्या होंगे? ये शब्द हैं:

1. टेम्पलेट

2. एप्लिकेशन/ऐप्लिकेशन (संदर्भ: कंप्यूटर या मोबाइल वाले एप्लिकेशन)

3. प्रोफ़ाइल

4. ईमेल

5. पोस्ट (संदर्भ: ब्लॉग पोस्ट)

6. डिवाइस

7. फ़ीड

8. फ़ील्ड

9. आईडी

10. लिंक

इस सवाल के जवाब में किसी ने लिखा, मेरे विचार से इनके लिंग इस प्रकार होंगे:

टैम्पलेट- पुल्लिंग

ऐप्लिकेशन- स्त्रीलिंग

प्रोफ़ाइल- पुल्लिंग

ईमेल- दोनों

पोस्ट- स्त्रीलिंग

डिवाइस- पुल्लिंग

फ़ीड- स्त्रीलिंग

फ़ील्ड- पुल्लिंग

आईडी- दोनों

लिंक- पुल्लिंग

नोट: इस बात पर भी ध्यान दें कि सवाल टेम्पलेट के बारे में था, जवाब टैम्पलेट पर मिला। यानी वर्तनी का मसला भी है। मेरा भी सवाल बनता है कि टेलेंट है या टैलेंट? और यह भी कि विदेशज शब्दों की वर्तनी कैसे तय होगी?

Friday, May 29, 2026

दही होता है या होती है?


दही होता है या होती है? हाथी चलता है या चलती है? पतंग उड़ती है या उड़ता है? प्याज होती है या होता है? जेब होती है या होता है? चौपाल लगती है या लगता है? ऐसे एक-दो नहीं सैकड़ों शब्द हैं। हिंदी की वर्तनी को लेकर, जितनी ज्यादा बहस है, उतने समाधान नहीं हैं। हिंदी में 'शिकागो मैनुअल ऑफ स्टाइल' जैसा ग्रंथ बनाने की कोशिश नहीं हुई, जिसे कम से कम भाषा-बरतने वाले बड़े वर्ग का समर्थन मिले। केंद्रीय भाषा निदेशालय की वर्तनी पुस्तिका है, पर वह केवल वर्तनी तक सीमित है, और उसे भी पूरा समर्थन प्राप्त नहीं है। हिंदी की पाठ्य पुस्तकों, पत्र सूचना कार्यालय की प्रेस विज्ञप्तियों, रेलवे और मेट्रो स्टेशनों के सूचना पटों, यहाँ तक कि करेंसी नोटों में भी विसंगतियाँ हैं। सरकारी वैबसाइटों के हिंदी संस्करण गूगल ट्रांसलेटर की हिंदी के सहारे चलते हैं।   

करीब डेढ़ दशक पहले मुझसे एक पत्रकार मित्र ने पूछा मॉनसून क्यों, मानसून क्यों नहीं? दक्षिण भारतीय भाषाओं में और अंग्रेज़ी सहित अनेक विदेशी भाषाओं में ओ और औ के बीच में एक ध्वनि और होती है। ऐसा ही ए और ऐ के बीच है। Call को देवनागरी में काल लिखना अटपटा है। देवनागरी ध्वन्यात्मक लिपि है तो हमें अधिकाधिक ध्वनियों को उसी रूप में लिखना चाहिए। इसलिए वृत्तमुखी ओ को ऑ लिखते हैं। हिंदी के अलग-अलग क्षेत्रों में औ और ऐ को अलग-अलग ढंग से बोला जाता है। मेरे विचार से बाल और बॉल को अलग-अलग ढंग से लिखना बेहतर होगा।