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Wednesday, June 24, 2026

चीनी सुपरकंप्यूटर ने अमेरिका को पीछे छोड़ा

लाइनशाइन कंप्यूटर

चीन के एक सुपरकंप्यूटर ने अब दुनिया के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर के रूप में अमेरिकी कंप्यूटरों को पीछे छोड़ दिया है। 2017 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी चीनी कंप्यूटर ने उस सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया है जिसे कभी-कभी किसी देश की तकनीकी क्षमता का मापक माना जाता है।

शेनझेन स्थित लाइनशाइन कंप्यूटर ने मंगलवार को जारी टॉप 500 रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर रहे अमेरिकी कंप्यूटर एल कैपिटन (El Capitan) को पीछे छोड़ दिया। लाइनशाइन ने पहली बार इस सूची में जगह बनाई है।

चीन का लाइनशाइन अन्य उच्च-प्रदर्शन वाले कंप्यूटरों से इस मायने में अलग है कि यह कृत्रिम मेधा के लिए आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले ग्राफिक्स प्रोसेसर (जीपीयू) के बजाय पूरी तरह से पारंपरिक कंप्यूटर चिप्स (सीपीयू) पर चलता है। सूची के अनुसार, इसे चलाने के लिए लगभग 42.2 मेैगावाट बिजली की आवश्यकता होती है।

Friday, February 20, 2026

एआई फिज़ूल सपना नहीं, उसमें दम है

 


दिल्ली में गलगोटिया विवि के रोबोटिक डॉग औरड्रोन सॉकर एरीनाके कारण हुई फज़ीहत के बाद कुछ लोग पूछ रहे हैं कि आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत वास्तव में क्या कुछ कर भी पाएगा? हमारे पास उसके लिए पर्याप्त तकनीकी आधार और टेलेंट है भी या नहीं? बहरहाल इस घटना ने सरकार समर्थित टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्मों पर स्वदेशी नवाचार की गलत व्याख्या की ओर देश का ध्यान आकर्षित किया है। साथ ही हमारे प्रचार-प्रिय सूचना तंत्र की पोल भी खोली है, जिससे सारी दुनिया में हमारी भद्द पिटी। सोशल-मीडिया के लिए ऐसी घटनाएँ चटपटे मसाले की तरह होती हैं, कुछ समय तक याद रहती हैं और फिर बिसरा दी जाती हैं। बहरहाल इस घटना ने हमें इसकी उपयोगिता और अपनी उपलब्धियों पर विचार करने की सलाह भी दी है।  

इसके पहले जनवरी में दावोस सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जिवा की इस टिप्पणी को लेकर भी विवाद हुआ था कि भारत 'सेकंड-टियर' एआई पावर है। राजनीति-शास्त्री आयन ब्रेमर ने भी इस बात का हवाला देते हुए कहा था कि नए उभरते देशों को अमेरिका या चीन के साथ तालमेल बिठाना चाहिए। इन दोनों बातों का तीखा जवाब देते हुए भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, अश्विनी वैष्णव ने कहा, भारत एआई देशों क ‘साफ पहली कतार’ में है।

उन्होंने एआई आर्किटेक्चर की पाँच परतों के रूप में वर्णित भारत की प्रगति का विवरण दिया: एप्लीकेशन, मॉडल, चिप, बुनियादी ढाँचे और ऊर्जा के सभी पाँच स्तरों पर ' भारत अच्छी प्रगति' कर रहा है। उन्होंने स्टैनफर्ड विवि की एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें भारत को एआई प्रवेश और तैयारियों में तीसरे स्थान पर और वैश्विक स्तर पर एआई प्रतिभा में दूसरे स्थान पर रखा गया है। बाद में आईएमएफ की चीफ ने इस विवाद को ठंडा करते हुए कहा कि संगठन भारत की एआई प्रगति के लिए भारी प्रशंसा करता है। उन्होंने इस गलतफहमी के लिए मॉडरेटर को दोषी ठहराया।