मोबाइल फोन की वजह से भारत में कितना बड़ा बदलाव आया? हमने
इसे अपनी आँखों से देखा है। पर इस बदलाव
के अंतर्विरोध भी हैं। पिछले दिनों हरियाणा की दो लड़कियों के साथ एक बस में कुछ
लड़कों की मारपीट हुई। इसका किसी ने अपने मोबाइल फोन में वीडियो बना लिया। उस
वीडियो से लड़कों पर आरोप लग रहे थे तो एक और वीडियो सामने आ गया। जब सारे पहलुओं
पर गौर किया जाए तो कुछ निष्कर्ष बदले। ऐसा ही एक वीडियो दिल्ली में एक ट्रैफिक
पुलिस कर्मी और एक स्कूटर सवार महिला के बीच झगड़े का नमूदार हुआ। वीडियो के जवाब
में एक और वीडियो आया। पूरे देश में सैकड़ों, हजारों ऐसे वीडियो हर समय बनने लगे
हैं। सिर्फ झगड़ों के ही नहीं। सैर-सपाटों, जन्मदिन, समारोहों, जयंतियों, मीटिंगों
और अपराध के।
सॉफ्टवेयर के मामले में भारत दुनिया का नम्बर एक देश कब और
कैसे बन गया, इसके बारे में आपने कभी सोचा? पिछले तीन-साढ़े
तीन दशक में भारी बदलाव आया है। सन 1986 में सेंटर फॉर रेलवे सिस्टम (सीआरआईएस-क्रिस)
की स्थापना हुई, जिसने यात्रियों के सीट रिज़र्वेशन की प्रणाली का विकास किया।
हालांकि इस सिस्टम को लेकर अब भी शिकायतें हैं, पर इसमें दो राय नहीं कि तीन दशक
पहले की और आज की रेल यात्रा में बुनियादी बदलाव आ चुका है। पूरे देश में
यात्रियों का आवागमन कई गुना बढ़ा है। यह आवागमन बढ़ता ही जा रहा है। ऐसी क्रांति
दुनिया में कहीं नहीं हुई। पिछले साल दीवाली के मौके पर अचानक ई-रिटेल के कारोबार
ने दस्तक दी। इसके कारण केवल सेवा का विस्तार ही नहीं हुआ है, नए किस्म के रोजगार
भी तैयार हुए हैं।




