Saturday, June 20, 2026

रॉयल कॉलेज ऑफ़ सर्जन्स में महर्षि सुश्रुत की प्रतिमा

एडिनबर्ग के प्रतिष्ठित रॉयल कॉलेज ऑफ़ सर्जन्स (RCSEd) में महर्षि सुश्रुत की कांस्य प्रतिमा गत 19 जून को स्थापित की गई है। शल्य चिकित्सा (Surgery) और विशेष रूप से प्लास्टिक सर्जरी के जनक के रूप में उनके अतुलनीय योगदान को सम्मानित करने के लिए इसे कॉलेज के ऐतिहासिक प्रांगण में जगह दी गई है।

महर्षि सुश्रुत की इस प्रतिमा को कॉलेज के भीतर एक विशेष समारोह में स्थापित किया गया। प्राचीन भारतीय चिकित्सक सुश्रुत को ईसा पूर्व छठी शताब्दी (लगभग 2800 साल पहले) का ‘शल्य चिकित्सा का जनक’ (Father of Surgery) माना जाता है। आयुर्वेद के महान ग्रंथ 'सुश्रुत संहिता' में लगभग 300 प्रकार की शल्य चिकित्साओं और 125 से अधिक सर्जिकल उपकरणों का विस्तृत वर्णन है। कटी हुई नाक या कान को जोड़ने के लिए उनके द्वारा विकसित की गई स्किन-फ्लैप तकनीक (राइनोप्लास्टी) को आज भी आधुनिक चिकित्सा में 'इंडियन मैथड' कहा जाता है।

एडिनबर्ग के अलावा, ऑस्ट्रेलिया के रॉयल ऑस्ट्रेलियन कॉलेज ऑफ़ सर्जन्स (RACS) (मेलबर्न) में भी सुश्रुत की एक संगमरमर की प्रतिमा (1.2 मीटर ऊँची और 550 किलो वजनी) स्थापित है।


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