Monday, July 26, 2010

विकीलीक्स यानी साहस की पत्रकारिता

इराक और अफगानिस्तान में नागरिकों की हत्या हो रही है, यह बात खबरों में कब से है। पर जब आप अपनी आँख से हत्याएं देखते हैं, तब दिल दहल जाता है। अमेरिकी सेना के ऑफीशियल वीडियो इस बात की जानकारी देते हैं, तब हमें सोचना पड़ता है। 


आज खबर है कि विकीलीक्स ने अमेरिकी सेना के करीब 92,000 गोपनीय दस्तावेज़ दुनिया के तीन अखबारों को सौंपे हैं, जिनसे अमेरिका के अफगान युद्ध के क्रूर मुख पर रोशनी पड़ती है। बताते हैं यह लीक 1970 के पेंटागन पेपर्स से भी ज्यादा बड़ा है।साथ वाला चित्र अफगानिस्तान में हेलीकॉप्टर से नागरिकों पर गोलीबारी का है। यूट्यूब पर यह वीडियो उपलब्ध है। लिंक नीचे दिया है। 


हमारे अधिकतर पाठक विकीलीक्स से परिचित नहीं हैं। हम पत्रकारिता के पेज3 मार्का मनोरंजन-मुखी चेहरे को ही देखते आए हैं। विकीलीक्स धीरे-धीरे एक वैश्विक शक्ति बनता जा रहा है। यह पत्रकारिता वह मिशनरी पत्रकारिता है, जो इस कर्म का मर्म है। जिस तरह से विकीपीडिया ने ज्ञान की राह खोली है उसी तरह विकीलीक्स ने इस ज़माने की पत्रकारिता का रास्ता खोला है। 


यह न तो कोई खुफिया संस्था है और न अमेरिका-विरोधी। यह सिर्फ अनाचार और स्वयंभू सरकारों के विरुद्ध है। इसने अमेरिका, चीन, सोमालिया, केन्या और आइसलैंड तक हर जगह असर डाला है। कुछ समय पहले तक कोई नहीं जानता था कि इसके पीछे कौन है। केवल ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार जूलियन  असांज सामने आते हैं। शायद वे इसके संस्थापकों में से एक हैं। बाईं ओर का चित्र असांज का है। उनसे बातचीत का वीडियो लिंक भी नीचे है। 


दुनिया की सबसे ताकतवर सरकारों के बारे मे निगेटिव सामग्री का प्रकाशन बेहद खतरनाक है। विकीलीक्स के पास न तो इतना पैसा है और न ताकत। अदालतें उसके खिलाफ कार्रवाई करतीं है। धीरे-धीरे इसे दुनिया के सबसे अच्छे वकीलों की सेवाएं मुफ्त मिलने लगीं हैं। जनता के दबाव के आगे संसदें झुकने लगीं हैं। शायद अभी आपकी निगाहें इस ओर नहीं गईं हैं।


बीबीसी की खबर
विकीलीक्स वैबसाइट
कोलेटरल मर्डरः वीडियो देखें, आप दहल जाएंगे 
जूलियन असेंज क्या कहते हैं
क्या है विकीलीक्स

6 comments:

  1. सर, बहुत अच्छी जानकारी और लिंक्स दिए, आभार।

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  2. manish mishra bhilai7:30 PM

    सर, बहुत अच्छी जानकारी और लिंक्स दिए, आभार।

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  3. This is the real face of America
    It is time to think about America by indian So called indian policy makers

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  4. this is a time to think about American friendship.
    Our so called thinker and policy maker "GHUTNE TAKNA BAND kare"

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  5. Anonymous1:46 PM

    very good information
    Thanks

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