अमेरिका-ईरान युद्ध में ठहराव आने के बाद सऊदी अरब और हूती लड़ाकों के बीच लड़ाई में तेजी आ रही है. इस लड़ाई के निहितार्थ वही नहीं हैं, जो ईरान युद्ध के थे.
ईरान की इसमें परोक्ष
भूमिका होने की वजह से कई सवाल उठ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल मक्का रक्षा-समझौते का
है, जिसके हालिया फैसले से बड़ी लड़ाई भड़कने का अंदेशा है.
हालाँकि
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हम हूतियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार
करेंगे, पर लगता नहीं कि अगले महीने होने वाले चुनाव पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव
को देखते हुए वे फिलहाल कोई कार्रवाई करेंगे.
ईरान समर्थित हूती
मिलिशिया ने शनिवार को सऊदी राजधानी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइलों से
हमला किया, जिसमें कम से कम 12
लोग मारे गए और 300 से अधिक लोग घायल हो गए हैं.
इसके बाद रविवार
को एक और हमला होने की सूचना है. एक वरिष्ठ हूती प्रवक्ता ने दावा किया कि हमला
हमने किया है.
फरवरी में ईरान के साथ अमेरिका-इसराइल युद्ध शुरू होने के बाद से किसी खाड़ी अरब देश में हुआ यह सबसे घातक हमला था. जवाब में यमन की राजधानी सना के हवाई अड्डे पर सऊदी हमले की सूचना भी है.




