विश्व स्वास्थ्य
संगठन ने कहा है कि कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण के मामले 10 लाख हो जाएंगे और मौतों का आंकड़ा 50,000 तक पहुंच जाएगा. यूरोप के कुछ देशों से ऐसी खबरें भी हैं
कि नए मामलों की संख्या में कमी आ रही है, पर अमेरिका को लेकर
चिंताएं बढ़ रहीं हैं, जहाँ संक्रमित व्यक्तियों
की संख्या सवा दो लाख के आसपास होने जा रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा
है कि अगले दो हफ्ते बेहद मुश्किल होंगे. इस सिलसिले में बने कार्यबल की सदस्य डॉ
डेबोरा ब्रिक्स ने ह्वाइट हाउस के एक प्रेजेंटेशन में बताया है कि आगामी 30 अप्रैल तक सोशल डिस्टेंसिंग रखने के बावजूद देश में मरने
वालों की संख्या एक लाख तक पहुंच सकती है. ट्रंप ने कहा, हमें बेहद मुश्किल दो हफ्तों का सामना करना है. ये दो हफ्ते
बहुत-बहुत दर्दनाक होने वाले हैं.
इतना स्पष्ट है
कि अमेरिकी जनता और प्रशासन इस महामारी के बाद बहुत बड़े फैसले करेगा. दूसरे
विश्वयुद्ध के बाद भी वैश्विक राजनीति में इतने बड़े बदलाव नहीं आए होंगे, जितने अब आ सकते हैं. इस नए भूचाल का केंद्र चीन बनेगा. इसका
असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा. संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार
इस महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था इस साल मंदी में चली जाएगी. इस रिपोर्ट
के अनुसार भारत और चीन इसके अपवाद हो सकते हैं,
पर दुनिया के
देशों को खरबों डॉलर का नुकसान होगा.



