Monday, February 2, 2026

‘नए हाईस्पीड भारत’ का रचनात्मक बजट


वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण के पहले वाक्य से ही नए भारत के निर्माण की घोषणा की है, जिसमें पाँच नए क्षेत्रीय मेडिकल हब, तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और पाँच विश्वविद्यालय टाउनशिप, सात नए हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर और एक नया फ्रेट कॉरिडोर शामिल हैं। आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी, तेज शहरीकरण, परिवहन, इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवा क्षेत्र का विस्तार, उच्च शिक्षा, मेडिकल टूरिज़्म, नाभिकीय ऊर्जा और ज्ञान-आधारित ऑरेंज इकोनॉमीनए भारत के ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद आधुनिकीकरण की ज़रूरतों को देखते हुए रक्षा-व्यय में करीब 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है।

उन्होंने डायरेक्ट टैक्स और कस्टम ड्यूटी प्रणाली में बड़े बदलावों की घोषणा की है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की अनिश्चितता और 50 फीसदी टैरिफ के असर को कम करने के लिए भी उन्होंने कुछ उपायों की घोषणा की है। उन्होंने कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में कटौती, कंटेनर निर्माण और टेक्सटाइल मशीनरी के आधुनिकीकरण के लिए पूँजीगत सहायता की घोषणा की। हालाँकि आयकर में कमी की कोई घोषणा नहीं है, पर कहा है कि नया इनकम टैक्स क़ानून एक अप्रैल, 2026 से लागू होगा। आयकर नियमों को और आसान बनाया जा रहा है, जिन्हें जल्द अधिसूचित किया जाएगा।

12.2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के भारी पूँजी निवेश के बावज़ूद आगामी वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत के नीचे आने की आशा है। कोविड काल में यह घाटा नौ प्रतिशत के ऊपर चला गया था। देश का ऋण-जीडीपी अनुपात घटकर 55.6 प्रतिशत होने की आशा है, जो चालू वित्तवर्ष के संशोधित अनुमानों में 56.1 फीसदी है। इससे पूँजी की उपलब्धता बेहतर होने की आशा है।