पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि देश के एस्टेब्लिशमेंट यानी सत्ता प्रतिष्ठान यानी सेना ने दुरुस्त फ़ैसले नहीं किए तो फ़ौज तबाह हो जाएगी और 'पाकिस्तान के तीन टुकड़े हो जाएंगे। इमरान खान की यह बात हारे और हताश राजनेता की बात लगती है, पर उन्होंने उस खतरे की ओर इशारा भी किया है, जो पाकिस्तान के सामने है।
पाकिस्तान की मीडिया रेगुलेटरी अथॉरिटी
(पीएमआरए) ने इस इंटरव्यू के कुछ हिस्सों को दोबारा प्रसारित करने पर प्रतिबंध लगा दिया
है। पीएमआरए की तरफ़ से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इमरान ख़ान ने अपने
इंटरव्यू के दौरान कुछ ऐसी बातें कही थीं, जो देश की
सुरक्षा, संप्रभुता, स्वतंत्रता
और विचारधारा के लिए गंभीर ख़तरा हैं। इससे देश में नफ़रत पैदा हो सकती है और उनका
बयान शांति व्यवस्था बनाए रखने में रुकावट की वजह बन सकता है।
सेना पर आरोप
जवाब में उनका कहना था कि 'ये असल में पाकिस्तान का मसला है, सेना
का मसला है। अगर एस्टेब्लिशमेंट सही फ़ैसले नहीं करेंगे, वे भी
तबाह होंगे। फ़ौज सबसे पहले तबाह होगी। उन्होंने कहा कि 'अगर
हम डिफॉल्ट (यानी कर्ज चुकाने में विफल) कर जाते हैं, तो सबसे बड़ा इदारा कौन सा है
जो मुतास्सिर होगा, पाकिस्तानी फ़ौज।
इमरान ख़ान की इस राय पर उनके राजनीतिक
विरोधियों के अलावा सोशल मीडिया पर जबर्दस्त प्रतिक्रिया हुई है। चेयरमैन
तहरीक-ए-इंसाफ़ के हामी जहां उनकी बात से इत्तफ़ाक़ कर रहे हैं वहीं बाज़ लोगों का
ख़्याल है कि उन्हें 'ऐसी गुफ़्तगू से गुरेज़ करना चाहिए था।
प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ ने कहा कि इमरान अब
सीमा पार कर रहे हैं। उन्हें देश के टुकड़े होने जैसी बातें नहीं करनी चाहिए।
बयान की आलोचना
पूर्व राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा कि 'कोई भी पाकिस्तानी इस मुल्क के टुकड़े करने की बात नहीं कर सकता,
ये ज़बान एक पाकिस्तानी की नहीं बल्कि मोदी की है। इमरान ख़ान दुनिया
में इक़तिदार ही सब कुछ नहीं होता, बहादुर बनो और अपने पाँव पर खड़े हो कर
सियासत करना अब सीख लो। इस देश के तीन टुकड़े करने की ख़्वाहिश हमारे और हमारी नस्लों
के जीते-जी पूरी नहीं हो सकती।
दूसरी तरफ साबिक़ (पूर्व) वज़ीर-ए-इत्तलात फ़वाद चौधरी ने ट्विटर पर अपने पैग़ाम में कहा कि 'इमरान ख़ान ने जायज़ तौर पर उन ख़तरात की निशानदेही की जो मआशी (आर्थिक) तबाही की सूरत में पाकिस्तान को दरपेश होंगे।













