इस साल मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय संघ को
बुलाया गया. यह पहला मौका था, जब 27 देशों के संघ को मुख्य अतिथि बनने का आमंत्रण
दिया गया. 27
जनवरी को नई दिल्ली में यूरोपीय संघ के साथ एक व्यापार समझौते पर दस्तखत हो
गए.
ईयू का प्रतिनिधित्व, यूरोपीय
आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय कौंसिल के प्रेसीडेंट एंटोनियो
कोस्टा ने किया. उर्सुला वॉन डेर लेयेन, जहाँ जर्मनी की
रक्षामंत्री रह चुकी हैं, वहीं भारतीय मूल के कोस्टा
पुर्तगाल के पूर्व प्रधानमंत्री हैं.
स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक फोरम
में शिरकत करते हुए उर्सुला वॉन डेर लेयेन कह चुकी हैं कि भारत और यूरोपीय संघ के
बीच ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ होने जा रही है.
रक्षा और रणनीतिक भी
यह केवल व्यापार समझौता ही नहीं होगा, बल्कि रक्षा और दूसरे रणनीतिक मसलों पर भी सहमतियाँ बनने जा रही हैं. उर्सुला ने कहा कि यूरोप, अरब प्रायद्वीप के रास्ते महाद्वीप को भारत से जोड़ने वाले एक नए व्यापारिक गलियारे में निवेश करेगा.
