अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में प्रस्तावित सीधी बातचीत का दूसरा दौर शुरू ही नहीं हो पाया. उधर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या के एक और प्रयास की खबर ने मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल लगता है कि अमेरिका
और ईरान दोनों लड़ाई को लंबा खींचना नहीं चाहते हैं, लेकिन
यह भी अनिश्चित है कि वे स्थायी शांति समझौते की शर्तों पर सहमत हो पाएँगे या नहीं.
शनिवार को वार्ता में उस समय बाधा उत्पन्न हुई, जब
ईरानी विदेशमंत्री अब्बास अराग़ची पाकिस्तानी मध्यस्थों के साथ अपनी बैठकों का
अंतिम दौर समाप्त कर रहे थे, तभी ट्रंप ने अचानक घोषणा की कि
उनके सहयोगी, नए दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान नहीं जाएँगे.
‘बेहतर’ योजना?
ट्रंप का कहना है कि ईरान ने विलंब से एक ‘बेहतर’ योजना प्रस्तुत की है, लेकिन हमारे वार्ताकार
इस्लामाबाद नहीं जाएँगे. ईरान की गरज़ है, तो फोन पर बात कर ले. उन्होंने प्रस्ताव
का विवरण नहीं दिया. इतना ज़रूर कहा है कि लड़ाई बहुत जल्द खत्म होने वाली है.
अमेरिकी न्यूज़ वैबसाइट ‘एक्सियोस’ के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम
से अमेरिका को एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसमें होर्मुज
जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते की माँग की
गई है.
एक अमेरिकी अधिकारी और इस मामले की जानकारी रखने
वाले दो सूत्रों ने ‘एक्सियोस’ को बताया, ईरान ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य को
फिर से खोलने और युद्ध समाप्त करने के लिए एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसमें परमाणु-वार्ता को बाद के चरण के लिए स्थगित करने का सुझाव है.
फॉक्स न्यूज के ‘द संडे ब्रीफिंग’ कार्यक्रम के
दौरान ट्रंप ने कहा, ‘अगर वे बात करना चाहते हैं, तो हमें फोन करें. हमारे पास अच्छी, सुरक्षित लाइनें
हैं.’
ट्रंप ने कहा, ‘ईरान में जिन लोगों से हम अभी बातचीत कर रहे हैं, उनमें से कुछ बहुत ही समझदार हैं, जबकि कुछ नहीं. मुझे उम्मीद है कि ईरान समझदारी से काम लेगा.’




