Monday, May 4, 2026

मारियो मिरांडा

 

कार्टूनिस्ट मारियो मिरांडा के 100वें जन्मदिन 2 मई के मौके पर टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक विशेष पेज निकाला है। आरके लक्ष्मण की तरह टाइम्स हाउस के मारिया मिरांडा ने भी भारतीय कार्टूनिंग में अपना स्थान बनाया है। टाइम्स ऑफ इंडिया, इलस्ट्रेटेड वीकली और फिल्मफेयर जैसी पत्रिकाओं में अपने काम के लिए मशहूर हुए मारियो की जीवन की झलक दिखाने वाली शैली लोगों के रोजमर्रा के जीवन के बहुआयामी दृष्टिकोण को दर्शाती थी। खासतौर से गोवा और मुंबई के लोगों के उनके चित्र हमेशा जीवंत और विविधता से भरे होते थे, जिनमें से प्रत्येक का अपना एक अलग व्यक्तित्व दिखाई पड़ता था।

1926 में जन्मे मारियो को रेखाचित्रों और व्यंग्य चित्रों से गहरा लगाव था। वे लोटोलिम स्थित अपने घर की दीवारों का अभ्यास करते थे! मारियो ने कभी चित्रकला का औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया था। उन्होंने 1930-1940 के दशक में अपने शुरुआती दिनों में कुछ जेब खर्च कमाने के लिए अपने दोस्तों के लिए छोटे, प्यारे चित्रों वाले व्यक्तिगत पोस्टकार्ड बनाना शुरू कर दिया, जिसके लिए उन्हें थोड़ी सी रकम मिल जाती थी।

Friday, May 1, 2026

चुनाव, गरीबी और 'रेवड़ी-चर्चा!'

बीबीसी से कीर्तीश भट्ट का कार्टून साभार

पाँच राज्यों में चुनाव-परिणाम क्या आएँगे, इसे लेकर अटकलें लगाना मीडिया और नेताओं का शगल है। खाली बैठे लोगों को बहसबाजी के लिए विषय मिल जाते हैं। एक अरसे से मैंने इन बहसों से बचना शुरू कर दिया है। मुझे लगता है कि इनके चक्कर में जाने-अनजाने कुछ महत्त्वपूर्ण बातों की अनदेखी हो जाती है। बहरहाल, दो बातों ने मुझे इन चुनावों के साथ संदर्भ जोड़ने को प्रेरित किया है। एक, खातों में सीधे नकद धनराशि का जाना और दूसरे देश में अलग-अलग जगहों पर असंगठित कामगारों की नाराज़गी।  

यह नाराज़गी केवल नोएडा में ही नहीं है। नोएडा की परिघटना सनसनी के रूप में सामने आई, इसलिए उसे मीडिया में जगह मिल गई। इसमें शामिल कर्मचारी स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और उनसे जुड़ी कंपनियों से जुड़े हैं। इन कंपनियों को 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव्स दिए गए हैं। इन्होंने करोड़ों अरबों का मुनाफा भी कमाया है। राज्य सरकारों ने इन आंदोलनों को शांत करने के लिएगाजर और छड़ी दोनों का इस्तेमाल किया। पुलिस कार्रवाई भी की और वेतन में वृद्धि करके रियायतें भी दी हैं।

नोएडा की परिघटना ने देश का ध्यान इस नई समस्या की ओर खींचा है। इसके पहले ज़ोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट और ई-बिजनेस समूहों के माल को घर-घर पहुँचाने वाले गिग वर्कर्स की समस्याएँ सामने आईं। ऐसे ही समस्याएँ ओला, ऊबर और रैपिडो वगैरह के लिए काम करने वालों की हैं। ये शहरी गरीब हैं। भारत में लंबे अरसे तक गरीबी को हम गाँवों में तलाशते रहे, पर धीरे-धीरे वह शहरों में आती जा रही है, इसे आप बढ़ता शहरीकरण कह सकते हैं।

शहरी गरीब

बेशक ये वैसे नितांत गरीब नहीं हैं, जिन्हें गरीबी की रेखा के नीचे रखा जाता है, पर ये भी गरीब हैं। कोविड-काल में प्रवासी मज़दूरों के रूप में इनकी व्यथा दिखाई और सुनाई पड़ी थी। उसके बाद से किसी न किसी रूप में बार-बार सामने आ रही है। ये कामगार गैर-वाजिब बातें नहीं कर रहे हैं। एक मजदूर परिवार को शहरों में रहने के लिए अब किराए पर 5,000-6,000 रुपये, खाने पर 8,000-10,000 रुपये और पेट्रोल पर 3,000-4,000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बिजली, परिवहन, फोन, स्कूल फीस या दवाइयों के खर्च के बिना ही यह कुल खर्च 20,000 रुपये हो जाता है। वे केवल गुजारे लायक आय की माँग कर रहे हैं।

ऊर्जा-आत्मनिर्भरता की राह में बड़ा कदम


भारत ने अपने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में हाल में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। तमिलनाडु के कल्पक्कम में स्वदेशी डिजाइन से निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने 6 अप्रैल को सफलतापूर्वक अपनी प्रथम क्रिटिकैलिटी प्राप्त की, जो नाभिकीय चेन रिएक्शन की शुरुआत है। यह प्रोटोटाइप एफबीआर 500 मेगावॉट विद्युत (एमडब्लूई) रिएक्टर है, जिसे भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (भाविनी) ने तमिलनाडु के कल्पक्कम नाभिकीय परिसर में निर्मित किया है।

यह तकनीक नाभिकीय ऊर्जा में यूरेनियम पर निर्भरता कम करेगी। इस उपलब्धि के साथ, भारत अपने तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है, जिसकी परिकल्पना डॉ होमी जहाँगीर भाभा ने की थी। वैश्विक स्तर पर भी यह महत्त्वपूर्ण परिघटना है। इसके पूर्ण संचालन में आने के बाद, रूस के बाद भारत, फास्ट ब्रीडर रिएक्टर का संचालन करने वाला, दुनिया का दूसरा देश बन जाएगा।

ईरान-युद्ध के आर्थिक दुष्प्रभावों के साथ, दुनिया भर के देश ऊर्जा सुरक्षा की तलाश में हैं। ज्यादातर देश कोयले और पेट्रोलियम के रूप में फॉसिल फ्यूल के सहारे हैं, पर अब उनके खत्म होने का समय है। वैसे भी उनके पर्यावरणीय दुष्प्रभाव को देखते हुए विकल्पों की तलाश चल रही है। पनबिजली, सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा जैसे विकल्पों की तुलना में नाभिकीय ऊर्जा सबसे आगे है, क्योंकि बड़े स्तर पर वही जरूरत पूरी कर सकती है। उसके साथ भविष्य के तकनीकी विकास भी जुड़े हैं, जो नए विकल्पों को खोलेंगे।

अमेरिका के वैज्ञानिकों ने हाल में संलयन (फ्यूज़न) ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त घोषणा की है। व्यावसायिक रूप से इस पद्धति से बिजली बनाने में अभी कई दशक लगेंगे, पर भविष्य में यह ऊर्जा का विश्वसनीय स्रोत साबित होगा। यह बिजली भी परमाणु के नाभिकीय में छिपे ऊर्जा स्रोत पर आधारित होगी, पर अभी प्रचलित विखंडन पर आधारित नाभिकीय ऊर्जा से एकदम अलग और सुरक्षित होगी।

Tuesday, April 28, 2026

अमेरिका-ईरान संवाद में ‘कभी हाँ, कभी ना!’


अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में प्रस्तावित सीधी बातचीत का दूसरा दौर शुरू ही नहीं हो पाया. उधर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या के एक और प्रयास की खबर ने मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल लगता है कि अमेरिका और ईरान दोनों लड़ाई को लंबा खींचना नहीं चाहते हैं, लेकिन यह भी अनिश्चित है कि वे स्थायी शांति समझौते की शर्तों पर सहमत हो पाएँगे या नहीं.

शनिवार को वार्ता में उस समय बाधा उत्पन्न हुई, जब ईरानी विदेशमंत्री अब्बास अराग़ची पाकिस्तानी मध्यस्थों के साथ अपनी बैठकों का अंतिम दौर समाप्त कर रहे थे, तभी ट्रंप ने अचानक घोषणा की कि उनके सहयोगी, नए दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान नहीं जाएँगे.

बेहतर योजना?

ट्रंप का कहना है कि ईरान ने विलंब से एक बेहतर योजना प्रस्तुत की है, लेकिन हमारे वार्ताकार इस्लामाबाद नहीं जाएँगे. ईरान की गरज़ है, तो फोन पर बात कर ले. उन्होंने प्रस्ताव का विवरण नहीं दिया. इतना ज़रूर कहा है कि लड़ाई बहुत जल्द खत्म होने वाली है.

अमेरिकी न्यूज़ वैबसाइट एक्सियोस के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका को एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते की माँग की गई है.

एक अमेरिकी अधिकारी और इस मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने एक्सियोस को बताया, ईरान ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और युद्ध समाप्त करने के लिए एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसमें परमाणु-वार्ता को बाद के चरण के लिए स्थगित करने का सुझाव है.

फॉक्स न्यूज के ‘द संडे ब्रीफिंग’ कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘अगर वे बात करना चाहते हैं, तो हमें फोन करें. हमारे पास अच्छी, सुरक्षित लाइनें हैं.

ट्रंप ने कहा, ‘ईरान में जिन लोगों से हम अभी बातचीत कर रहे हैं, उनमें से कुछ बहुत ही समझदार हैं, जबकि कुछ नहीं. मुझे उम्मीद है कि ईरान समझदारी से काम लेगा.

Monday, April 27, 2026

Fruit benefits फलों के फायदे


 
The fruit with the most fat is coconut.

The fruit with the most sugar is dates.

The fruit with the most protein is jackfruit.

The fruit with the most vitamin C is guava.

The fruit with the most vitamin A is mango.

The fruit with the most fiber is raspberries.

The fruit with the most antioxidants is blueberries. 

The fruit with the most calcium is figs.