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इंडियन एक्सप्रेस में उन्नी |
केजरीवाल के इस्तीफे को मीडिया ने अलग-अलग अर्थ में लिया है। जागरण में आज का शीर्षक है 'सत्ता छोड़ भागे केजरी', नवभारत टाइम्स के पहले पेज की सुर्खी है 'केजरी का ब्रेकअप डे' भीतर के पेज पर खबर है 'AK का परफेक्ट एक्ज़िट प्लान', भास्कर की लीड है 'आप जैसे आए वैसे ही गए', राष्ट्रीय सहारा की लीड है 'जनलोकपाल पर सरकार 'कुर्बान', हिन्दुस्तान की लीड है 'केजरीवाल ने मैदान छोड़ा', टाइम्स ऑफ इंडिया का शीर्षक है 'DAYS FOR KEJRI
FALL', कोलकाता के टेलीग्राफ की लीड है 'KEJRI QUITS' केजरी और क्विट्स के बीच एक मफलर है, इंडियन एक्सप्रेस की लीड है 'Arvind Kejriwal’s second act begins'। इन सभी शीर्षकों से ज़ाहिर है कि किसी को विस्मय नहीं हुआ। केजरीवाल के चक्कर में आज के अखबार सीमांध्र के सांसदों को भूल गए।
नवभारत टाइम्स
The Telegraph
दिल्ली की जनता ने जिस विश्वास के साथ केजरी जी को दिल्ली की सत्ता सौपी, और जिस तरीके से केजरीवाल जी ने दिल्ली की जनता को कल जो दिया उसके परिणाम बहुत दूर गामी होगें।
ReplyDeleteसत्य की राह कभी भी आसान नही होता, उस पर संघर्ष करके आगे बढना होता है, केजरी जी को तो उस जनता ने साथ दिया, जिसकी धुरी से देश की दशा और दिशा निर्धारित होने मे अहम भूमिका होती है,
केजरी जी ने क्या सोचा था, कि जनता की ही तरह दिल्ली विधान सभा के सारे सदस्य उनको, उनकी नीतियों को पसन्द करेगें।
जिस तर्क के साथ उन्होने कुर्सी का त्याग किया, क्या वो जनता को समझ आयगा, क्या शेष मीडिया उनकी बात को उसी तरह से जनता के बीच जाने देगें। क्या उनको नही चाहिये था, कि पहले राजनीति के अध्यायों का और गहन अध्ययन करते.... खैर जो भी हुआ दिल्ली क्या देश के कई भागो के भाग्य को निर्धारित करेगा... देश के एक प्रदेश की राजनीति का केन्द्र पर असर होता ही है और फिर अगर वो प्रदेश दिल्ली हो तो क्या कहा जाय....